ग्रुप प्रेजेंटेशन
प्रायः बीमा एजेंट एक बार में एक ग्राहक से ही बात करता है पॉलिसी समझाने के लिए। एक बार में 1 से ज्यादा ग्राहकों को पॉलिसी समझाने का नाम है ग्रुप प्रेजेंटेशन। इसमें एजेंट एक ग्रुप के लोगों से इकट्ठे बात करता है। प्रायः यह ग्रुप एक ही तरह के लोगों का होता है, जैसे एक कंपनी में काम करने वाले लोग, एक ही स्कूल के अध्यापक, सुबह एक साथ सैर करने वाले लोग, छोटे बच्चों के माता-पिता, आदि।
ग्रुप में जन टेशन बहुत ही कामयाब तरीका है, कम समय में ज्यादा पॉलिसी बेचने का। इसलिए जरूरी है कि इसका अधिकतम लाभ उठाने की विधि सीखी जाए। पहला ध्यान तो यह रखें कि ग्रुप बहुत ही बड़ा ना हो। आपका लक्ष्य पॉलिसी बेचने का है, ज्ञान बांटने का नहीं। यदि ग्रुप में बहुत ज्यादा लोग होंगे तो आपका प्रेजेंटेशन एक प्रवचन के तरीके से रहेगा, जिसे लोग सुन कर चल देंगे। ग्रुप में 20 से ज्यादा लोग ना हो तो बेहतर है। इतने से लोगों के बीच में आप आपसी बातचीत का सा माहौल बना सकते हैं। आप लोगों की भावनाओं को समझ सकते हैं, अपनी बातचीत को उनके मूड के हिसाब से बदल सकते हैं, सवाल-जवाब कर सकते हैं और उनके साथ बेहतर तरीके से जुड़ सकते हैं।
ग्रुप प्रेजेंटेशन के बाद लोगों से एक फीडबैक फॉर्म जरूर भरवाएं जिसमें उनका नाम, पता, फोन नंबर रहे, जिससे आप बाद में उनसे बात कर सकें। ध्यान रहे कि ग्रुप प्रेजेंटेशन में पॉलिसी नहीं बेची जा सकती है, सिर्फ लोगों की रुचि आपकी पॉलिसी की और बनाई जा सकती है। पॉलिसी बेचने के लिए तो आपको बाद में ही लोगों से एक-एक करके मिलना होगा और उनकी व्यक्तिगत जरूरत के हिसाब से पॉलिसी समझानी होगी। इसलिए ग्रुप प्रेजेंटेशन में अत्यंत महत्वपूर्ण है बाद में ग्राहकों से मिलना। अपने सेशन के बाद आप लोगों से फीडबैक लेते समय उन्हें अपना विजिटिंग कार्ड और अपने प्लान के ब्रोशर दे सकते हैं। आप सेशन में बहुत सारी चीजें ग्राहकों को नहीं समझा सकते हैं। आपको यह देखना है कि ऐसी क्या बातें हैं जिसमें सामने बैठे लोगों में से अधिकांश की रुचि हो। आप इनकम टैक्स की बचत की बात कर सकते हैं, पेंशन प्लान की बात कर सकते हैं, बच्चों के लिए सेविंग की बात कर सकते हैं, आप रिस्क कवर पर फोकस करके बड़े टर्म प्लान की बात कर सकते हैं, आदि। आपको एक कॉमन मुद्दा खोजना होगा, जिससे सब लोग आपकी बात को उत्साह से सुनें।
एक बात और है जो आपके ग्रुप प्रेजेंटेशन को ज्यादा कारगर बना सकती है। जो भी व्यक्ति आपको उस ग्रुप से मिलवा रहा है या ग्रुप प्रेजेंटेशन का मौका दिलवा रहा है, उसे आप सबसे पहले अकेले में ही पॉलिसी समझाएं और बेचने का प्रयास करें। फिर आप उस के माध्यम से एक-दो उसके नजदीकी मित्रों को प्लान बेचें। प्रयास यह करें कि आप उस ग्रुप के मुखिया अथवा वहां के किसी अन्य प्रभावशाली अधिकारी को पहले अकेले में पॉलिसी बेचें। इसके बाद जब आप ग्रुप प्रेजेंटेशन करेंगे तो आपको लाभ यह रहेगा कि यदि सामूहिक निर्णय में किसी ने भी पॉलिसी नहीं ली तो आप कुछ पॉलिसी तो वहां बेच ही चुके हैं। दूसरे उस ग्रुप प्रेजेंटेशन में आप उस मुख्य अधिकारी को, जिसको आप ग्राहक बना चुके हैं, उसका नाम प्रयोग कर सकते हैं कि झा साहब ने भी हमारी पॉलिसी में विश्वास जताया है और वह हमारे ग्राहक हैं। बहुत से लोग ऐसे होते हैं जो उस अधिकारी की निर्णय क्षमता के कायल होते हैं और इसीलिए पॉलिसी लेने को तैयार हो जाएंगे कि झा साहब ग्राहक बन गए हैं तो इनका प्लान और कंपनी अच्छे ही होंगे। यहां ध्यान यह रखना है कि आप ग्रुप प्रेजेंटेशन या बाद में झा साहब की ली हुई पॉलिसी या उनकी व्यक्तिगत जानकारी का खुलासा दूसरों के सामने ना करें।
कैनोपी
कैनोपी या स्टाल या इंफॉर्मेशन डेस्क का उपयोग होता है, नय ग्राहकों की खोज करना। इसके लिए किसी खास अवसर पर स्टाल लगाया जा सकता है, जैसे दिवाली मेला, नवरात्रि, दुर्गा पूजा, किसी स्कूल में लगने वाला फेस्टिवल, आदि कोई भी ऐसा स्थाई अवसर जहां लोग ज्यादा जुड रहे हों। यह कुछ घंटे से लेकर दो-तीन दिन तक का हो सकता है। इसके अलावा किसी थाई स्थायी स्थान जैसे बाजार, पार्क, मॉल, चौराहे आदि पर भी थोड़े समय के लिए लगाया जा सकता है।
कैनोपी लगाते समय भी ध्यान रहे कि यहां आप पॉलिसी बेच नहीं सकते हैं, सिर्फ संभावित ग्राहकों के नाम और फोन नंबर इकट्ठे कर सकते हैं, जिससे ग्राहकों से बाद में मिल सकें। कोई भी ग्राहक अपने जेब में प्रीमियम का चैक, फोटो, आमदनी का प्रूफ, आयु प्रमाण पत्र लेकर नहीं घूमता है। यदि आप ग्राहक की रुचि जगा पाएं तो वह आपको मिलने का अवसर देगा जहां आप उसकी जरूरत के अनुसार उसे पॉलिसी बता सकते हैं। यदि स्टॉल पर एक लैपटॉप हो तो ठीक रहेगा जहां आप लोगों को कुछ बेसिक चीजें दिखा सकें। आप स्टॉल पर आने वाले हर ग्राहक को अपना विजिटिंग कार्ड अवश्य दें।
कैनोपी लगाते समय एक से अधिक लोग साथ हों तो बेहतर रहेगा। आपके पास एक बार में एक से ज्यादा संभावित ग्राहक भी आ सकते हैं, दूसरे कुछ लोगों को आपको अपने आप बोल कर अपनी स्टाल की ओर आकर्षित करना होगा। इसलिए कम से कम 2 लोग तो स्टाल पर होने ही चाहियें।वहां एक विजिटर रजिस्टर भी रखना होगा, जिसमें हर आने वाले आदमी का नाम और फोन नंबर आप लिख सकें या ग्राहक से ही लिखवा सकें। प्रयास करें कि आप ग्राहक से उसका विजिटिंग कार्ड ले लें जिसमें उसका पूरा पता, पद, फोन नंबर और ईमेल का पता हो सकता है।
इस तरह से एकत्र किए गए लोगों के नाम पते प्रायः जहां आपने स्टाल लगाया है, उसके आस पास के ही होंगे आपको चाहिए कि इन सब लोगों से एक-दो दिन के अंदर ही संपर्क स्थापित कर उनसे मिलें।
वैसे यह स्टाल लगाने का काम उन्हीं एजेंट्स को करना चाहिए जिनका व्यक्तिगत संपर्क का दायरा सीमित हो। दूसरे शब्दों में वे एजेंट जिनके पास बीमा बेचने का समय तो बहुत हो पर मिलने वाले लोग ना हों।
अपने मैनेजर से ग्राहकों को पत्र लिखवाएं
बाजार में एक एजेंट के रूप में आपकी इमेज जितनी अच्छी होगी, कामयाबी की उतनी ही संभावना बढ़ेगी। एक प्रोफेशनल और कामयाब एजेंट की इमेज बनाने के लिए आप बाकी बातों के अलावा एक काम और भी कर सकते हैं। आपने यदि ब्रांच में या अपनी कंपनी में कोई कामयाबी हासिल की है तो आप उसका लाभ ले सकते हैं। आप अपने मैनेजर से कह कर अपने ग्राहकों को एक पत्र लिखवाएं कि उनके सहयोग से आपने यह उपलब्धि हासिल की है। जब आप के ग्राहकों को इस बात का एहसास होता है कि उनका एजेंट एक कामयाब एजेंट है तो आपको उनसे बिजनेस मिलने की संभावना और बढ़ जाती है।
ध्यान रहे कि यह पत्र बहुत बड़ा नहीं होना चाहिए। मान लीजिए आपने किसी महीने अपनी ब्रांच में बहुत बढ़िया बिजनेस किया। अब इस पत्र की भाषा कुछ इस तरह से हो सकती है हमारे एजेंट श्री विनय प्रसाद को सहयोग करने के लिए धन्यवाद आपके सक्रिय सहयोग से पिछले माह वह हमारी ब्रांच के टॉप टेन में से एक थे। आशा है आप अपना सहयोग बनाए रखेंगे।
(ब्रांच मैनेजर)