प्रसिद्ध लेखक स्टीवन को वे अपनी पुस्तक "सेवन हैबिट्स आफ हाईली सक्सेसफुल पीपल" में लिखते हैं कि हर आदमी के कार्यकलापों को चार भागों में बांटा जा सकता है।
अर्जेंट नहीं, महत्वपूर्ण नहीं
ये वे काम हैं जो ना हमारे लिए अर्जेंट हैं, ना ही महत्वपूर्ण। इनको यदि नहीं किया जाए तो हमारा किसी भी प्रकार का कोई नुकसान नहीं होगा। यह काम टाइम पास करने वाले काम हैं। कहीं खाली बैठे हैं, टीवी चल रहा है बस, बिना किसी मकसद के उसे देख रहे हैं, दूसरे मनोरंजन के साधन, किसी का अचानक फोन आ जाना और उसका हमें ऐसा काम बताना जिससे हमारा कोई सरोकार नहीं है, कोई झगड़ा जिसमें हम बेकार ही समय नष्ट कर रहे हैं, कोई ऐसा आदमी आकर बैठ गया जो आपका समय खराब कर रहा है और जिसे आप जाने के लिए नहीं कह सकते।
किसी भी कामयाब आदमी को चाहिए कि वह अपने समय का कम से कम हिस्सा इस तरह की गतिविधियों में जाने दे। एक बीमा एजेंट को चाहिए कि वह समय की अहमियत को समझे और ब्रांच में खाली बैठकर या बिना किसी उद्देश्य के घूम फिरकर अपने कीमती समय को व्यर्थ ना गवाएं। यदि बैठना भी हो तो किसी कामयाब एजेंट या मैनेजर के पास बैठें, जिससे कुछ लाभ मिल सके।
अर्जेंट है, महत्वपूर्ण नहीं
दूसरी श्रेणी उन कामों की है जो जरूरी तो है लेकिन उनमें लगना मेरे किसी फायदे का नही है, यानी मेरे लिए महत्वपूर्ण नहीं है। यह वह काम है जो किसी मुख्य काम में व्यवधान के रूप में आते हैं, जैसे अचानक कोई मिलने के लिए आ जाए, कोई मीटिंग बुला ली जाए, जिसे आप मना ना कर सकें, कोई रिपोर्ट अचानक बनाकर भेजनी है, आदि।
प्रायः ऐसे काम कार्यालय में काम करने वाले लोगों के होते हैं, जिन्हें कम से कम करने का प्रयास करना चाहिए। समस्या यह है कि ये सभी काम किसी और के द्वारा हम पर थोपे हुए होते हैं इसलिए हमारा इन पर नियंत्रण कम होता है। एक एजेंट के लिए इस तरह के काम हो सकते हैं कि अचानक किसी ग्राहक का फोन आ गया कि उसे आज ही इनकम टैक्स की रिटर्न भरनी है और बीमे की रसीद नहीं मिल रही। अब तुरंत आपको डुप्लीकेट रसीद तैयार करनी पड़ेगी। एक जनरल बीमा का एजेंट किसी जरूरी सेल्स कॉल पर जा रहा है और किसी ग्राहक का फोन आ गया कि उसकी कार का एक्सीडेंट हो गया है, आप तुरंत उसकी मदद करें। जितना ज्यादा समय इन कामों में जाएगा, उतना ही सार्थक कामों में कम जाएगा।
अर्जेंट है, महत्वपूर्ण है
यह वे सभी काम हैं जिनको करना तुरंत जरूरी है और वे महत्वपूर्ण भी हैं। इनमें वे काम गिनें जा सकते हैं जो एक निश्चित तिथि तक ही पूरे करने हैं और वह तिथि आ गई है। किसी ग्राहक की किस्त आपको आज लेनी थी, ना जमा होने पर पॉलिसी लैप्स हो जाएगी। आपको एक क्लब मेंबरशिप करनी थी, 10 पॉलिसी करनी अभी रहती है और दो ही दिन बचे हैं। आपको किसी ग्राहक को उसकी रसीद देनी थी, आप समय पर दे नहीं पाए, अब उसे रसीद पहुंचाने के लिए स्पैशली उनके घर जाना पड़ेगा। यह वह काम है जो आप चाहते तो पहले कर सकते थे, परंतु समय पर ना किए जाने से वे अर्जेंट हो गए हैं।
जो लोग इस तरह से काम करते हैं वह बहुत ही दबाव में काम करते हैं। अंतिम समय में काम करने से गलतियां करते हैं, खर्च ज्यादा करते हैं, तनाव भी झेलते हैं, और सफलता की संभावना उतनी ही कम कर लेते हैं। आखिरी दिन बिजली का बिल भरने के लिए लाइन में लगना या रेलगाड़ी पकड़ने के लिए घर से देरी से निकलना इसी तरह के कुछ उदाहरण हो सकते हैं।
अर्जेंट नहीं, महत्वपूर्ण है
यह वे काम है जो हमारे लिए बहुत मायने रखते हैं, पर अभी जरूरी नहीं हैं। काम का महत्व है, पर उसे तभी कर लिया गया जब वह एकदम अर्जेंट नहीं हो गया। यह वह काम हैं जो समय रहते नहीं किए जाते तो अर्जेंट वाली श्रेणी में चले जाते, एमरजेंसी बन जाते। यदि टेलीफोन का बिल भरना है, अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना आपने भर दिया तो वह इस श्रेणी में है, अंतिम तिथि तक रुके रहे तो वह जरूरी हो जाएगा, जिस पर आपको ज्यादा भागदौड़ करनी है, जुर्माना देना है। यदि क्लब मेंबरशिप करनी है तो पहले से ही प्लानिंग है कि कितना बिजनेस किस महीने करना है, कितना प्रीमियम कहां से लेना है, कितने नए ग्राहकों से मिलना है, किससे रेफरेंस लेना है, किससे कब मनी बैक का फॉर्म भरकर मंगवाना है, आदि।
ये सभी विकास के काम होते हैं, जैसे आप बीमार होने से पहले ही स्वास्थ्य का ध्यान रख रहे हो। यह करने से एमरजेंसी की स्थिति से बचाव होता है। इसमें प्लानिंग का काम है, नई संभावनाएं खोजने का काम है। इसलिए सफल लोग इस श्रेणी में ज्यादा से ज्यादा काम करते हैं।
बीमा एजेंट इसके अलावा जो टाइम मैनेजमेंट कर सकता है, वह है एक निश्चित इलाके में ही पॉलिसी बेचना। यदि आप दिल्ली, मुंबई जैसे महानगर में रहते हैं और आपने इस तरह से पॉलिसी बेच रखी है कि आपका एक ग्राहक दूसरे ग्राहक से 30 किलोमीटर की दूरी पर है, तो आपको ज्यादा समय सड़क पर ही गुजारना पड़ेगा। यदि एक ग्राहक से मिलने जाने के लिए आपको 1 घंटे से ज्यादा का समय लगता है तो इसका अर्थ है कि आपको नया बिजनेस करने के लिए कम से कम समय मिल रहा है। आपका ज्यादा समय तो पॉलिसी की सर्विसिंग में ही जा रहा है, और बहुत सा खर्च भी।
आपको तय कर लेना चाहिए कि आप एक निश्चित एरिया में ही पॉलिसी बेचेंगे। इससे बाहर आप तभी निकलेंगे जब आपको बहुत बड़ी पॉलिसी मिलने की आशा हो या एक ही जगह से बहुत सी पॉलिसी मिलने वाली हों। ऐसा करने से आप एक ही दिन में अनेक ग्राहकों से मिल सकते हो, नई पॉलिसी के लिए भी और सर्विसिंग के लिए भी।
टाइम मैनेजमेंट के लिए एक और साधन भी आप अपना सकते हैं। अक्सर बीमा एजेंट को ग्राहक का इंतजार करना पड़ता है, उसके घर या दफ्तर में पहुंचकर इस खाली समय को आप अपनी प्लानिंग करने के लिए, मिलने वाले लोगों की लिस्ट बनाने के लिए, दूसरे कोई और नोट्स बनाने के लिए उपयोग कर सकते हो। इस दौरान आप अपने प्लान के ब्रॉशर या रेडी रेकनर के शुरू वाले पेज पढ़ सकते हो। यह वह समय होता है जब आप कुछ और नहीं कर सकते। इस तरह से आप समय का सदुपयोग भी करेंगे और आपकी बोरियत भी कम होगी।