प्रोस्पैक्टिंग (Prospecting)

प्रोस्पेक्टिंग का मतलब है नए ग्राहकों को ढूढंना। पॉलिसी को बेचना इतना मुश्किल कार्य नहीं है जितना कि नए ग्राहकों को ढूंढना जिनको पॉलिसी बेची जा सके। इसके लिए हर बीमा विशेषज्ञ के पास अपना-अपना एक समाधान हो सकता है। मैं बिल्कुल साधारण तरीके से आपको प्रोस्पेक्टिंग के बारे मे बताने वाला हूं, मुझे लगता है कि आप आसानी से इन सभी बातों को समझकर ज्यादा लाभ उठा सकते हैं।  

आप सभी अभिकर्ता अपने सभी जानने वालों की एक लिस्ट बनाएं। हमारी ट्रेनिंग क्लास में जब एजेंट से यह पूछा जाता है कि इस तरह की लिस्ट बनाने में कितना समय लगेगा तो कोई एजेंट बोलता है 2 घंटे, कोई कहता है 2 दिन, कोई 1 सप्ताह की बात करता है। फिर उनसे पूछा जाता है कि क्या इसके बाद कोई भी ऐसा आदमी नहीं बचेगा जिसको आप जानते हों और जिसका नाम लिस्ट में नहीं है, तो वे सोच में पड़ जाते हैं। ध्यान रहे कि हमें अपने सभी जानने वालों की लिस्ट बनानी है, कंप्यूटर पर या कागज पर। मेरा मानना यह है कि यह एक ऐसी लिस्ट है जो कभी समाप्त नहीं होगी। आप आज यदि दो सौ नाम इसमें लिख भी लेंगे तो कल आपको कुछ और नाम याद आएंगे और हर रोज नए नाम याद आते ही रहेंगे। इस सूची में निरंतर नाम जुड़ते रहेंगे। 

आप इस लिस्ट को जितना बड़ा कर लेंगे आप की पॉलिसी बेचने की संभावना उतनी ही बढ़ती चली जाएगी। इस सूची को बढ़ाने का बढ़िया तरीका यह है कि आप उसे सेगमेंट के अनुसार बनाएं, एक-एक वर्ग के अनुसार। उदाहरण के लिए आप एक वर्ग(segment) बनाएं रिश्तेदार। उसमें फिर ऊपवर्ग(sub segment) बनाएं, अपनी और के रिश्तेदार यानी आपके भाई, चाचा, मामा, नाना आदि। दूसरा उप वर्ग बनेगा आपके ससुराल पक्ष के लोग यानी आपके साले, सालियां, साडू, चाचा ससुर, मामा ससुर, आदि। एक वर्ग बनेगा आपके सहपाठी यानी आपके साथ स्कूल और कॉलेज में पड़े हुए लोग, जिनका आज आपको अता-पता मालूम है। हर स्कूल और कॉलेज में आपकी कक्षा के छात्र, आपसे एक साल सीनियर और जूनियर, वहां आपके साथ नाटक करने वाले और आपके साथ खेलने वाले छात्र, 10 साल पहले कॉलेज में आप से झगड़ा करने वाले छात्र को आज अपना मित्र ही मानें। स्कूल, कॉलेज के किसी अध्यापक से भी यदि आप संपर्क में हैं तो उनका भी नाम लिखें। यदि आप हॉस्टल में रहे तो आपके साथ रहने वाले छात्रों के नाम भी लिखें, यदि आप आज उनका अता-पता जानते हैं चाहे वह आपकी कक्षा में ना पढे हों। 

इसके बाद आप वर्ग बनाएं पड़ोसी। आप जहां भी रहे, आपके अडोस-पड़ोस में रहने वाले सब लोगों के नाम लिखें। पड़ोसी आपके घर और दफ्तर दोनों के हो सकते हैं। इसी में आप अपने मकान मालिक और किराएदार का नाम भी लिखें। अगला वर्ग हो सकता है दोस्तों का। इसमें वे नाम लिखें जिनसे आपकी मित्रता हुई, कहीं भी। किसी क्लब में, होटल में, सुबह सैर के समय, रात को पान खाने के समय, कहीं सिनेमा देखते समय, किसी मित्र के घर पार्टी में, आदि जिन लोगों से आपके संबंध बने, वे लोग इस सूची में डालें। वे लोग जो आपको गुरुद्वारे में, मंदिर में मिलते हैं, आपके साथ दूसरे धार्मिक व सामाजिक कार्य करते हैं, उनके नाम भी इसमें लिखें। 

एक वर्ग हो सकता है आपके साथ काम किए हुए लोगों का। ये वे लोग हैं जिन्होंने आपके साथ किसी भी दफ्तर में काम किया। उस दफ्तर में आपके साथ काम करने वाले लोग ही नहीं, बल्कि वे लोग भी जिनसे आप वहां कुछ खरीदते या बेचते थे। उनमें से कुछ लोग जरूर होंगे जिन से आप आज संपर्क कर सकते हो।

एक सूची बन सकती है उन लोगों की जिनसे आप आज कुछ खरीदते हो। इसमें नाम होगा आपके राशन वाले का, दूध सप्लाई करने वाले का, आपकी कार रिपेयर करने वाले का, आपके ड्राई क्लीन वाले का, आपके सिक्योरिटी वाले का, आपके कार बीमा करने वाले का, आपके बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने वाले का, आपके माली का, चौकीदार का, आपके यहां अखबार बांटने वाले का, आपका टेलर, आपका मोबाइल रिपेयर करने वाला, उस रेस्तरां का मालिक या मैनेजर जहां आप अक्सर डिनर करने जाते हो, मंदिर का पुजारी, आदि। 

एक सूची बन सकती है आपके बच्चों के दोस्तों के माता-पिता की  जिन्हें आप जानते हैं। आपके कुछ पेरेंट्स से तो संबंध होंगे, जो आपको बच्चों के स्कूल में मिलते हैं, या जिनके बच्चे आपके बच्चे के जन्मदिन पर आते हैं और अपने जन्मदिन पर आपके बच्चों को बुलाते हैं। वे बच्चे जो आपके बच्चों के साथ खेलते हैं, उनके माता-पिता को भी आप इसी सूची में रखें। 

इसके बाद एक वर्ग आप बना सकते हैं उन लोगों का जो आपके शहर में अलग-अलग कॉलोनी में रहते हैं, जैसे नेहरू नगर, कमला विहार, ज्ञान कुंज, रेलवे रोड, मॉडल टाउन, वगैरह। आपके परिचित वे लोग जो आसपास के दूसरे नगरों में रहते हैं, उनके नाम भी इसी में जोड़ें। 

इसी तरह से आप एक वर्ग बनाएं जिसमें उन तमाम डॉक्टरों के नाम लिखें जिन्हें आप जानते हैं, एक वर्ग हो सकता है केमिस्ट, एक वर्ग किराना दुकानदार, एक वर्ग वकील, एक वर्ग स्कूल के अध्यापक, और इस तरह से आप प्रोफेशन के हिसाब से अलग-अलग सूची बना सकते हैं। 

आप एक सूची में अपनी पत्नी की सहेलियों के पतियों को रख सकते हैं यदि आपकी पत्नी विवाह से पहले आप ही के शहर में रहती थी और वे आपकी बीमा एजेंसी में आपको सहयोग करने को तैयार हूं तो आप उनके साथ पड़ी लड़कियों के नाम उनके दूसरे परिचित पड़ोसी आदि के नाम भी लिख सकते हैं इसी तरह से अनेक वर्ग के हिसाब से सूची बनाने का लाभ यह है कि आपको बहुत से नाम याद आते रहेंगे या सूची कभी न समाप्त होने वाली सूची होगी जिसमें आप निरंतर नाम जुड़ते ही रहेंगे एक बात का ध्यान रहे कि आपको लिस्ट बनाते समय यह नहीं सोचना है कि कौन आदमी आपसे पॉलिसी खरीदेगा कौन नहीं इस प्रकार पहले दो-तीन दिन में सूची जितनी तैयार हो जाए उसके बाद आप सोचें कि क्या इन सब लोगों को मालूम है कि आप जीवन बीमा के एजेंट हैं और आपकी इस क्षेत्र में क्या उपलब्धियां है आपको लगेगा कि इस सूची में ज्यादातर लोग ऐसे हैं जिन्हें यह सब चीजें पता ही नहीं है क्या आपको नहीं लगता कि इन लोगों को बीमे के लिए टटोलना सबसे आसान काम हो सकता है मेरा मानना यह है कि जिन लोगों को आप जानते हैं और जो आपको जानते हैं उनसे भी मैं की बात करके पॉलिसी बेचना सबसे आसान काम होता है सुझाव है कि आप इस तरह की सूची बनाना तुरंत तैयार करें और उन सब लोगों से मिलना शुरू करें मेरा मानना है कि इससे जो परिणाम निकलेगा वह आपकी आशा से बहुत बेहतर होगा आपका पहला काम होना चाहिए कि आप इन सब लोगों को इस बात की सूचना दें कि अपने-अपने फल आम बीमा कंपनी की एजेंसी ले ली है और आप जल्दी ही उनसे संपर्क करेंगे इससे लाभ यह होगा कि आपके परिचित लोगों को मालूम हो जाएगा कि आप इस व्यवसाय से जुड़ चुके हैं हो सकता है कि वह आजकल में ही कोई बीमा पॉलिसी खरीदने वाले हो तो मैं आपसे बात किए बिना निर्णय नहीं लेंगे आप के लिए चुनौती यह है कि यदि आपकी बीमा कंपनी का कोई और एजेंट उनसे पॉलिसी बेचने के लिए संपर्क करें तो उन्हें तुरंत याद आना चाहिए कि आप भी उसी कंपनी के एजेंट हैं आप लोगों को सूचना देने के लिए ईमेल टेलीफोन s.m.s. या पत्र का प्रयोग कर सकते हैं।

नहीं सर कल में घुसे

सामान्यतः एक एजेंट एक निश्चित दायरे में ही काम करता है वह या तो सरकारी नौकरी वालों को जानता है या सब्जी मंडी के व्यापारियों को या किराना के दुकानदारों को या स्कूल के अध्यापकों को या किसी और सर्कल के लोगों को जाहिर है कि वह इन्हीं लोगों को ज्यादा पॉलिसी भेजता है आपको चाहिए कि आप चेस्टा करके किसी नए सर्कल में घुसे आपको विशेष प्रयास करके दूसरे सर्कल के एक या दो नए लोगों को पॉलिसी बेचनी है जिससे उस सर्कल के ही आपको रेफरेंस मिलने चालू हो एक नया सर्कल चालू करने से आपके प्रोस्पेक्ट की संख्या बहुत तेजी से बढ़ सकती है कोई भी नया सर कल आपके पुराने सर्कल में जुड़ाव का ही काम करेगा

स्टॉल

इसके अलावा आप कहना पिया स्टार लगा सकते हैं किसी भी चहल-पहल वाले बाजार में किसी शॉपिंग मॉल में किसी सड़क के किनारे किसी स्कूल में पेरेंट्स मीटिंग के दिन किसी दिवाली मेले में कहीं होली मिलन में कहीं किसी प्रतियोगिता में किसी कॉन्फ्रेंस में और ऐसे ही किसी अन्य स्थान पर ध्यान रहे कि इस तरह के स्टाल पर पॉलिसी बिकती नहीं है सिर्फ पॉलिसी के बारे में पूछताछ होती है यहां आपको ग्राहक का सिर्फ नाम और फोन नंबर लेना है फिर उसके सुझाए गए समय पर उससे मुलाकात करनी है स्टाल पर आपको सिर्फ यह बताना है कि आपके पास सभी प्रकार के प्लान है जो आप उस ग्राहक की आवश्यकता अनुसार बता सकते हैं कोई भी ग्राहक अपने साथ चेक आयु प्रमाण पत्र पहचान पत्र पुरानी पॉलिसी की डिटेल नहीं लेकर घूमता कि आप से पॉलिसी समझकर आपको वही सब कुछ थमा दे

नया पड़ोसी

जब कोई आदमी किसी नए इलाके में जाकर बसता है तो उसे वहां के बारे में कुछ भी मालूम नहीं होता उस समय यदि कोई आगे बढ़ कर खुद ही उससे संबंध बना ले तो वे संबंधित ज्यादा गहरे होते हैं यदि आपके पड़ोस में कोई नया परिवार आकर बसे और आप स्वयं उनसे मिलकर उन्हें बता दें कि यहां गैस की एजेंसी कहां है बिजली और पानी के दफ्तर कहां है डॉक्टर कहां है स्कूल कौन से अच्छे हैं दूध कहां से ताजा मिलता है घरेलू नौकरानी कौन सी बेहतर है आदि अन्य बातें हैं जिनकी उन्हें अभी बहुत जरूरत है तो उनके आपसी संबंध नजदीकी हो जाएंगे कुछ समय बाद आप पूछ सकते हैं कि उनकी कोई बीमा पॉलिसी दूसरे शहर से यहां ट्रांसफर करवानी है क्या यह सर्विस आप उन्हें मुफ्त में देते हैं जब आपके उनसे निकट के संबंध बन गए हैं तो यह तय है कि उनको जब भी बीमा की आवश्यकता होगी वह आपकी और ही देखेंगे

म्युनिसिपालिटी से जानकारी

यदि आपके लिए संभव हो तो जन्म मृत्यु विभाग से पता करें कि किस के परिवार में बच्चे का जन्म हुआ है और किस के परिवार में दुखद घटना हुई है जहां जन्म हुआ है वहां आप एक बधाई पत्र भेज सकते हैं और साथ ही बच्चे के लिए प्लान की जानकारी हो सके तो इसके साथ उस प्लान का ब्रोशर भी भेज दें ध्यान रहे कि आप बच्चे के सेविंग प्लान की बात ही करें रिस्क कवर कि नहीं जिस परिवार में किसी का निधन हुआ है उन्हें आप शोक संदेश भेज सकते हैं और साथ ही है पत्र कि यदि उन्हें किसी बीमा क्लेम से संबंधित मदद चाहिए तो आपने कार्य बिना किसी शुल्क के कर सकते हैं यहां ऐसा नहीं लगना चाहिए कि आप सीधे तौर पर किसी आर्थिक लाभ के लिए ऐसा कर रहे हैं यदि वे लोग पुरानी पॉलिसी में क्लेम के लिए आपकी मदद लेते हैं तो स्वाभाविक है कि उनके परिवार को बाद में बीमा पॉलिसी आप ही बेचेंगे यदि उनका वर्तमान एजेंट अच्छा होता तो इस प्लेन को वही दिलवा रहा होता

अखबार में शोक समाचार

ऐसे ही यदि आपको समाचार पत्र में किसी का शोक समाचार नजर आए तो वहां पत्र लिखकर क्लेम के लिए अपनी सेवाएं निशुल्क ऑफर कर सकते हैं इस तरह से बनाए गए संबंधित दीर्घकाल में व्यापारिक रूप से बहुत लाभदायक साबित होते हैं

बच्चों के स्कूल में प्रतियोगिता

आजकल हर गली मोहल्ले में छोटे-छोटे स्कूल खुले होते हैं यदि आप किसी स्कूल में 50 बच्चों का एक ड्राइंग कंपटीशन करवाएं तो यह ज्यादा खर्च का काम नहीं है इसमें निर्णय का काम आप वहां के अध्यापकों को ही सौंप दे दो या तीन बच्चों को छोटे पुरस्कार भी दे दे उन बच्चों के माता-पिता को आप स्कूल से उनके फोन नंबर लेकर या उन बच्चों के माध्यम से ही बच्चों के प्लान के ब्रॉशर और अपना विजिटिंग कार्ड भेज दें तो वहां पॉलिसी बिकने की संभावना हो सकती है

साहस

आपका प्रयास यह होना चाहिए कि जो भी काम इनमें से आपको नया लग रहा है उसे करें यदि आरंभिक झिझक है तो उसे दूर करें जो काम करने में डर लगे उसे करने का नाम ही साहस है इसे एक रोचक घटना के माध्यम से समझें फौज के एक मेजर और एक पुलिस कमिश्नर में बहस छिड़ गई मेजर ने कहा कि उनके फौजी ज्यादा साहसी होते हैं और कमिश्नर ने कहा उनके सिपाही ज्यादा साहसी हैं अपनी बात साबित करने के लिए मेजर ने एक फौजी को बुलाया और आदेश दिया कि सामने 15 फीट ऊंची दीवार पर चढ़कर कूद जाओ फौजी तुरंत चढ़कर कूद गया तो मेजर बोला इसे कहते हैं साहब पुलिस कमिश्नर ने अपने एक सिपाही को बुलाकर उसे उसी दीवार से कूदने को कहा सिपाही बोला तेरा दिमाग खराब हो गया है क्या कमिश्नर ने कहा इसे कहते हैं साहस

ग्राहक के प्रति आपकी सोच

यह बात बहुत ही महत्वपूर्ण है कि आप ग्राहक के पास क्या सोचकर जा रहे हैं आपके लिए इस ग्राहक के पास यह पहली सेल है या आखरी सेल यह विचार आपकी सारी कार्यप्रणाली को बदल देगा यदि आप आखरी सेल के लिए जा रहे हो तो आपका मकसद किसी भी तरीके से एक पॉलिसी का चेक उठाना है इसके लिए आप कुछ भी झूठ सच बोल सकते हैं सफल बीमा एजेंट इस तरह से काम नहीं करते उनके लिए कोई भी सैलरी नहीं होती हर नहीं ग्राहक को सेल उनके लिए यह एक नई श्रृंखला की शुरुआत होती है वे जानते हैं कि हर संतुष्ट ग्राहक आपके लिए सब एजेंट की तरह होता है यदि एजेंट यह जानता है कि हर नया ग्राहक एक चेन की पहली कड़ी है तो वह ग्राहकों कुछ भी गलत नहीं बता सकता है वह जानता है कि वह जो कह रहा है उस बात को पांच 10 बरस के बाद भी उसे ही संभालना है वह जिस घर में घुस रहा है वहां यह स्थाई रूप से रहने वाला है जो एजेंट 3 बरस से पुराना हो गया है उसका दो तिहाई बीमा पुराने ग्राहकों से ही आता है आप जितने पुराने होते जाते हैं आपके बिजनेस में पुराने ग्राहकों का हिस्सा बढ़ता जाता है यह तभी संभव है जब आप ग्राहकों को पूरी संतुष्टि दें

ग्राहक को जानकारी ना होने का लाभ

यह बात तय है कि किसी भी सेल्समैन को जितनी जानकारी अपने सामान के बारे में होती है उतनी खरीदने वाले को नहीं होती ग्राहक को जिन बातों की जानकारी नहीं है यदि सेल्समैन उनका लाभ उठाना शुरू कर दे तो वह एक बार समान तो भेज सकता है पर अपनी अलग पहचान नहीं बना सकता ग्राहक को हमेशा के लिए अपना नहीं बना सकता यदि आप किसी फर्नीचर की दुकान पर सोफा सेट खरीदने के लिए जाएं तो आप दुकानदार से यह अपेक्षा करते हैं कि वह आपको वह सब बातें भी बताएं जो आप सोफा के बारे में नहीं जानते हैं उसमें लकड़ी है क्वेश्चन है स्प्रिंग है और कपड़ा है दिखाई दे रहा है सिर्फ कपड़ा बाकी सब सामान उसके नीचे छिपा है उन चीजों के बारे में आप नहीं जान सकते हैं वही जानता है क्योंकि उसने बनाया है यदि वह आपको सब कुछ अच्छा अच्छा बता कर दे दे तो आपको किसी भी कमी का पता नहीं चलेगा 6 महीने के बाद जब लकड़ी सो कर उठने लगेगी तो सोफा चटकने लगेगा उस समय आप उस दुकान द्वारका भले ही कुछ ना बिगाड़ पाए लेकिन एक काम तो आप कर ही सकते हैं यदि कोई मित्र आपसे पूछे की बहन की शादी के लिए फर्नीचर खरीदना है कहां से खरीदें तो आप सीधे यही कहेंगे कि फला दुकान को छोड़कर कहीं से भी खरीद लो वह दुकानदार आपको जानकारी ना होने का लाभ उठाकर आप के माध्यम से ग्राहकों की एक चेन नहीं बना पाया यदि आप उसके सामान से संतुष्ट होते तो यह जवाब देते कि श्याम फर्नीचर स्टोर से ही खरीद लो और निश्चिंत हो जाओ ऐसी दुकान से सामान खरीदने के लिए अगर 5% ज्यादा भी खर्च करना पड़े तो लोग खुशी से कर देते हैं क्योंकि उस से मानसिक शांति तो मिल ही रही है ना कहीं आप भी ग्राहक को बीमा की जानकारी ना होने का लाभ तो नहीं उठा रहे बीमा बेचना आपका पैसा है बीमा खरीदना उसका पैसा नहीं है जो काम आप हर रोज करते हो वह कभी-कभी करता है अतः आप ही इसके बारे में ज्यादा जानते हो और ग्राहक आप पर भरोसा करता है आपने अपने लाभ के लिए उसका नुकसान कर दिया तो आपने चैन को पहली कड़ी पर ही समाप्त कर दिया।

मुकाबला अगले एजेंट से है

ग्राहक राय पूछता है कि इतना रुपया सारा ना देने पर 20 साल बाद कितना रुपया मिलेगा प्रायः एजेंट को लगता है कि आज कुछ भी प्रोजेक्शन ग्राहक को दे दो क्या फर्क पड़ता है यदि पॉलिसी मैच्योर होने से पहले यह ग्राहक चल बसा तो किसी को क्या मालूम होगा कि मैंने क्या कहकर पॉलिसी बेची थी यदि यह जिंदा रहा तो मैच्योरिटी पर इसे क्या याद रहेगा कि मैंने 15 साल पहले इसे क्या बताया था कहां पर है मानकर चलें कि आपका मुकाबला इस ग्रह के पास आने वाले अगले एजेंट से है जो कल एक महीने बाद या 1 साल के बाद कभी भी इसके पास आ सकता है कल्पना करें कि कोई एजेंट इस्क्रा के पास आए और बीमा की बात करें यह ग्राहक उससे कहे कि उसे तो अपने लिए एक मनी बैक प्लान चाहिए था जो उसने एक महीना पहले ही आपसे लिया फिर वह ग्राहक उस एजेंट को अपनी पॉलिसी दिखाएं दूसरा एजेंट उसे देखते ही बता दें कि इस प्लान में तो मनी बैंक है ही नहीं यह तो टर्म प्लान है या पेंशन प्लान है तो आपकी क्या विश्वसनीयता रहेगी ग्राहक के दिमाग में ऐसा नहीं है कि जो कुछ आपने उसे पॉलिसी बेचने के लिए बताया वह बात 15 साल के बाद ही खुलेगी। वे पत्ते कभी भी खुल सकते हैं। इसलिए ध्यान रहे कि जल्दी अंडे के लिए मुर्गी को ना काटे आजकल वैसे भी हर पॉलिसी में 15 दिन का फ्री लुक पीरियड रहता है यानी ग्राहक चाहे तो इस दौरान पॉलिसी वापस करके कंपनी से पूरे पैसे ले सकता है यदि ग्राहक को किसी दूसरे एजेंट के माध्यम से असलियत इसी दौरान पता लग गई तो पॉलिसी वापस भी हो सकती है

कितना समय ग्राहक के साथ

एक एजेंट के रूप में आपका जो भी काम है जैसे पॉलिसी बेचना क्रिस्टल लेना कंपनी में जमा करवाना नसीब ग्राहक को पहुंचाना आदि इनमें से सिर्फ एक काम ऐसा है जो आप ही को करना है वह है पॉलिसी बेचने का बाकी के सब काम तो आप किसी थोड़ी सी तनख्वाह वाले कर्मचारी से करवा भी सकते हैं पॉलिसी बेचने का काम ऐसा है जो आप ही को करना है आप सोच कर देखिए प्रतिदिन आप कितना समय ग्राहकों को नई पॉलिसी बताने में लगाते हो 1 साल में 200 पॉलिसी बेचने वाले एजेंट भी बताते हैं कि 1 दिन में 1 घंटे से ज्यादा समय में इस काम में नहीं लगाते आप जानते हैं कि आप ज्यादा समय लगाएं और ज्यादा लोगों से मिले तो ज्यादा पॉलिसी भेज सकते हैं क्या कारण है कि आप ज्यादा लोगों से नहीं मिलते हो इसका प्रमुख कारण है कि लोग आपको मिलने का समय नहीं देते हैं आप कहेंगे कि यदि लोग मिलने को तैयार हो जाएं तो आप 1 दिन में 5 लोगों से भी मिल सकते हैं आपको लगता है कि आपके काम की गति का लीवर किसी और के हाथ में है एक अलग तरीके की बात करते हैं जिससे आप ही तय कर पाएंगे कि कितने लोगों से 1 दिन में मिलना है मान ले कि आपका कोई दोस्त आपसे मिलने के लिए 2 महीने के बाद आया वह प्रॉपर्टी खरीदने बेचने का काम करता है वह आपके पास आकर बैठ गया और अपनी ओर से कोई बात नहीं कर रहा है तो आप उससे क्या बात करेंगे आप की स्थिति में ज्यादातर लोग ऐसे ही बात करेंगे और बताओ आपका प्रॉपर्टी मार्केट कैसा चल रहा है माल ले वह कहे कि आजकल रामनगर की प्रॉपर्टी मार्केट में बड़ा उछाल आ रहा है ऐसी प्राप्ति उपलब्ध है जिसमें 2 साल में अच्छा मुनाफा आ सकता है मैं भी आजकल ऐसे ही सौदे करवाने में व्यस्त हूं यह सुनकर क्या आप चुप बैठेंगे वह यदि अपनी ओर से रुचि ना भी दिखाई तो भी आप उससे पूछें लगेंगे ऐसी कोई प्रॉपर्टी है क्या उसने सिर्फ एक काम किया कि आप की उत्सुकता जगा दी और आप खुद ही उससे कुरेद कुरेद कर पूछ रहे हैं क्या ऐसा काम हम जीवन बीमा में नहीं कर सकते हैं आप किसी ऐसे ग्रह के पास बिना समय लिए चले जाएं जो जानता है कि आप बीमा एजेंट हैं आप भी में की बात अपनी ओर से उससे नहीं करें हम अपनी ट्रेनिंग में है प्रयोग करते हैं एजेंट आकर बताते हैं कि 5 मिनट में ही सामने वाले पूछने लगता है तुम्हारी एजेंसी कैसी चल रही है बीमा कंपनी कैसी चल रही है आप उससे कहीं कि आजकल बहुत ज्यादा प्रेशर है हर रोज नए प्लान आ रहे हैं जिन्हें पहले से ज्यादा लाभ है ग्राहकों को पता नहीं हम हम से पहले कैसे यह मालूम हो जाता है कि ऐसा एक प्लान आया है और वे खुद फोन करके बुलाने लगते हैं सुबह से तीन से तो मिल चुका हूं आपके यहां तो बस चाय पीने के लिए आया हूं यह कह कर आपने उस की उत्सुकता खड़ी कर दी क्या आपको लगता है कि अब ग्राहक बैठेगा आप यदि अपनी ओर से कुछ ना भी कहे तो तो भी चाय आने तक वह खुद आपसे तीन बार पूछ लेगा कि नया प्लान क्या है इसे भी एजेंट के लिए इतना असर तो बहुत है जब ग्राहक खुद आपसे पॉलिसी के बारे में पूछ रहा है एजेंट गलती यही करता है कि वह ग्राहक की ओर से सवाल आने का तो इंतजार ही नहीं करता सीधा अपनी और से पॉलिसी के बारे में बताना शुरू करता है ग्राहक उसे टालने की कोशिश करता है यदि हम उसकी उत्सुकता को इतना बढ़ा दे कि वह खुद हमें कुरेदना चालू कर दें तो हम कितने भी लोगों से मिल सकते हैं और पॉलिसी भेज सकते हैं यदि 1 दिन में हम तीन लोगों से इस तरह से मिलने लगे तो मान कर चलें कि एक पॉलिसी हर रोज आप भेज सकते हैं यदि आप ऐसा करने में सफल हो गए तो आप की गिनती देश के चोटी के एजेंट्स में होने लगेगी आप उन लोगों से तो मिलेंगे ही जो आपको मिलने का अपॉइंटमेंट ले रहे हैं और इस नए तरीके से आप कितने लोगों से मिलेंगे यह आप ही तय कर रहे हैं क्योंकि इसके लिए आपको कोई अपॉइंटमेंट लेना ही नहीं है इस तरह से मिलने का एक लाभ और भी होगा अब क्योंकि आप ही तय कर रहे हैं कि आप किससे मिलेंगे तो आप एक ही इलाके में रहने वाले लोगों से 1 दिन में मिले जिससे आने जाने में ज्यादा समय ना लगे और आप ज्यादा से ज्यादा लोगों से मिल पाए यदि आप अपना समय नई पॉलिसी बेचने में लगाने लगे तो बाकी रूटीन वाले काम आपका एक असिस्टेंट संभाल सकता है मेरा सुझाव है कि आप आज से ही इस तरह लोगों से मिले अपने दायरे को बढ़ाएं और स्वयं अनुभव करें कि आप कितनी बड़ी सफलता की ओर जा रहे हैं यदि मुझे इस पुस्तक के सबसे बढ़िया नुस्खे को चुनना हो तो मैं इसी 1 तरके को चुनूंगा

क्या आप सबसे अच्छी स्थिति मे हैं?

जब एजेंट के हाथ से कोई पॉलिसी छूट जाती है तो उसे लगता है कि उसकी कंपनियां उसकी पॉलिसी में ही कोई कमी है उसे लगता है कि उसकी कंपनी से बेहतर दूसरी कंपनी है जिसका नाम ज्यादा बिकता है किसी को लगता है दूसरी कंपनियों के प्लान उसके प्लान से ज्यादा बेहतर है या कमीशन बेहतर है या पुरस्कार राशि से बेहतर है या कुछ और खुफिया उनमें है जो उसके पास नहीं है कोई भी कंपनी पूर्ण नहीं होती है जिसमें कोई कमी नहीं निकाली जा सके हर कंपनी की अपनी ताकत और कमजोरी होती है कोई भी कंपनी तभी पूर्ण कही जा सकती है जब उसके बारे में ग्राहक किसी भी प्रकार का सवाल ना उठा सके यदि ऐसा हो जाए तो पूरे देश के लोग उसी कंपनी से पॉलिसी लेंगे और सारी प्रतिस्पर्धा समाप्त हो जाएगी ऐसा होना संभव ही नहीं है ऐसे ही कोई प्लान इतना पूर्ण हो कि कोई ग्राहक उसके बारे में कोई प्रश्न ही नहीं बचे तो वह स्थिति सेल्समैन के लिए सर्वश्रेष्ठ होगी क्योंकि पूरा कंपटीशन समाप्त हो जाएगा इसका मतलब बाकी सब प्लान बंद पर यह संभव नहीं है एक क्षण के लिए मान ले कि ऐसी स्थिति आ गई कि आपकी कंपनी पूर्ण हो गई आपके प्लान भी पूर्ण हो गए और आपके प्लान में रिटर्न 20 सबसे ज्यादा हो गया वह स्थिति आ गई जब आप जिस के पास जाएंगे उसे पॉलिसी लेनी ही पड़ेगी क्योंकि ग्राहक के पास कोई विकल्प है ही नहीं ऐसा भी हो सकता है कि आपको लोगों के पास जाना ही ना पड़े और लोग खुद आपके पास लेने के लिए आ रहे हो क्या आपको लगता है कि आपके यह स्थिति सबसे बेहतर है यदि आपको ऐसा लगता है तो यह एक भ्रम है यदि ऐसा हो गया तो क्या आपकी एजेंसी बचेगी जब कंपनी सबसे बढ़िया हो गई प्लान सबसे बढ़िया हो गए लोग लाइन लगाकर खरीदने के लिए आ रहे हैं सारा कंपटीशन समाप्त हो गया तो फिर एजेंट की क्या जरूरत होगी एजेंट की जरूरत किसी भी माल को बेचने के लिए तभी तक है जब तक ग्राहक को उसके लिए समझाने की जरूरत है इन चीजों के बारे में समझाने की जरूरत नहीं होती उनके लिए एजेंट नहीं कुछ थोड़ी तनख्वाह वाले एग्जीक्यूटिव होते हैं क्या कभी बिजली विभाग से कोई आपके पास आता है कनेक्शन के बारे में समझा कर बेचने के लिए क्या कमी जल विभाग के एजेंट आते हैं आपको जल के फायदे समझाने के लिए क्या कभी आप रेल के टिकट बेचने वाला बाबू आपको डिस्काउंट ऑफर करता है और क्या आपको लगता है कि बिजली जलिया रेल का कोई बाबू इतना कमाता है जितना एक बीमा एजेंट कमाता है यदि जीवन बीमा ऐसे ही दिखने लगा तो सब की एजेंसी गई समझो और यदि लोगों को ऐसी स्थिति आने के बाद भी कोई कंपनी एजेंट को रखें तो किन्हे एजेंसी देगा सबसे बढ़िया कंपनी सबसे बढ़िया एजेंट को ही रखेगी क्या आपको लगता है कि आप देश के सबसे बढ़िया एजेंट्स में से एक हैं कंपनी तब यह नियम भी बना सकती है कि वही आदमी एजेंट बनेगा जो एमबीए है या 2 साल का बीमा का कोर्स करके आया है जो कंपटीशन वाली एक परीक्षा पास करेगा फुल टाइम यही काम करेगा या जो ₹200000 के सिक्योरिटी देने को तैयार है आप पता करके देखें कि मारुति या दूसरी बड़ी कार कंपनी अपनी एजेंसी किन लोगों को देती है और किन किन शर्तों पर देती है माल जितनी आसानी से बिकता है एजेंसी उतनी ही मुश्किल से मिलती है इसका अर्थ यही है कि आपका और आपकी कंपनी का एक आदर्श रिश्ता है आप चाहे तो कम अपनी कंपनी के प्लान में बहुत सारी कमियां निकाल सकते हैं और कंपनी चाहे तो आपके काम में उससे भी ज्यादा कमियां निकाल सकती है बेहतर यही है कि आप इस सच्चाई को स्वीकार करें कि ग्राहक से मिलने वाली ना मैं आप का आपकी पॉलिसी का और आपकी कंपनी का तीनों का ही योगदान है आप किसी भी अन्य कंपनी के साथ जुड़े होते तो भी आप ऐसी ही दिक्कतें झेल रहे होते क्योंकि कोई भी कंपनी या प्लान पूर्ण हो ही नहीं सकते

प्रीमियम कैसे बढ़ाएं?

आपके दो या तीन बार ग्राहक के पास जाने के बाद जब यह पॉलिसी के लिए तैयार हो गया और फार्म भरकर चेक काट रहा है उस समय हम ग्राहक से पॉलिसी का साइज कैसे बढ़ा सकते हैं इसकी चर्चा यहां करेंगे एक बात तो तय है कि ग्राहक जितना पैसा बचाता है और जितना वह निवेश कर सकता है वह सारा जीवन बीमा में नहीं देता है यदि वह सारी बचत हमें देता तो फिर प्रीमियम बढ़ाने की बात ही नहीं होती सामान्यता ग्राहक पूरी बचत का 25 से 30% ही देता है इसलिए क्रिस्ट बढ़ाने की पूरी संभावना रहती है 15 से 20% तक कृष्ण आसानी से बढ़ाई जा सकती है इतनी किस्त बढ़ाने का मतलब है उतने ही प्रयास में 15 से 20% आपकी आमदनी बढ़ना पहला प्रयास तो हम इस दिशा में यह करेंगे कि ग्राहक से पूछेंगे कि मासिक किस्त कितनी हो जाए जाहिर सी बात है कि ग्राहक आपसे कहेगा कि उसे तो मासिक नहीं सालाना या छमाही किस्त देनी है हम उससे कहेंगे की किस्त चाहे कैसे भी दे पर महीने की लागत का तो पता चले होता यह है कि जब आप सालाना या छमाही किसकी बात करते हैं तो ग्राहक एक छोटी राशि की ही बात करता है जिसका उसकी आमदनी से कोई संबंध नहीं होता जब यह महीने की लागत के बारे में सोचता है तो वह अपनी आय की तुलना में उस राशि से करता है जो वह दे सकता है इसलिए यदि वह महीने के हिसाब से किस्त बताएगा तो उस राशि की तुलना में बड़ी रकम की बात ही करेगा जो है सालाना बताने में देता अब आप इस रकम को अपने पक्ष में राउंड ऑफ करेंगे राउंड ऑफ का अर्थ है किनारों को ठोक पीटकर गोल करना यदि ग्राहक आपसे कहे कि मुझे डेढ़ हजार रुपए महीना देना है तो हम उस से कहेंगे कि इसका मतलब हुआ ₹18000 सालाना जो आपके लिए याद रखने में मुश्किल होगा इससे हम सीधा 20,000 रखते हैं ना इस बात की संभावना कम है कि ग्राहक इसके लिए मना करेगा क्योंकि यदि ई वह 18000 दे सकता है तो साल का 20,000 भी बिना किसी तकलीफ के दे सकता है।
यह तो हुआ राउंडअप करना अपने पक्ष में राउंड आफ का मतलब इससे एक कदम और आगे हैं एक घटना मुझे याद आ रही है मैं जब mb&f में पढ़ता था जो हमारा पहला क्लास टेस्ट हुआ जिसमें अधिकतम अंक थे 15 यानी साडे सात सात अंक के 2 प्रश्न पास अंक थे 15 मैसेज 7:30 जब प्रश्नपत्र जांचे जाने के बाद हमें मिले तो सब छात्र एक दूसरे से पूछ रहे थे उसके अंक एक सहपाठी से जब हमने उसके अंक पूछे तो वह बोला लॉजिकली फर्स्ट डिवीजन है अब यह बात थोड़ी कन्फ्यूजन करने वाली थी फर्स्ट डिवीजन तो ठीक है पर यह लॉजिक क्या है वह बोला मैंने एक ही प्रश्न का उत्तर लिखा था जिसमें साडे चार अंक आए हैं 7:30 में से 4:30 यानी प्रथम श्रेणी लेकिन वास्तव में देखें तो श्रीमान जी फेल थे आज वैसे पार्टी एक बहुत बड़ी कंपनी में जनरल मैनेजर के पद पर हैं हमें ऐसे लॉजिक भी आने चाहिए यदि ग्राहक आपसे कहे कि मुझे ₹5000 तिमाही देने हैं या 20000 साल आना देने हैं तो यह अपने आप में एक राउंड फिगर है अब हम ग्राहक से कहेंगे कि 20000 सालाना का मतलब है ₹1 महीना यह रकम आपके याद रखने के लिए कठिन होगी तो आप सीधा सा हिसाब रखें कि ₹2000 महीना ऐसा करने से सालाना प्रीमियम 24000 हो गया जो आपको 20% ज्यादा आमदनी देगा यदि आप ट्रेडिशनल प्लान बेच रहे हैं तो आप बीमा राशि और प्रीमियम के बीच के संबंध बनाकर भी पॉलिसी का साइज बढ़ा सकते हैं मान ले कि ग्राहक कहता है कि उसे ₹200000 की पॉलिसी चाहिए जिसका प्रीमियम आपने देखकर बताया कि ₹12614 है आप ग्राहक से कहीं कि यह रकम याद रखने मुश्किल होगी तो आप इसे सीधा ₹15000 कर दें ऐसा करने से आप की बीमा राशि 235000 हो जाएगी लेकिन उससे आपको और ग्राहक को कोई फर्क नहीं पड़ता यदि ग्राहक खुद ही आपसे कहे कि इस पॉलिसी का प्रीमियम ₹15000 कर दे तो आप उसे बताएं कि इससे बीमा राशि बिगड़ जाएगी तो बेहतर है ढाई लाख की बीमा राशि के हिसाब से पॉलिसी बनाई जो याद रखने में आसान रहे आपको यह देखना है कि पॉलिसी का साइज किस तरह से बढ़ सकता है एक बार पॉलिसी जारी होने के बाद किसी को याद रखने की जरूरत नहीं है कि बीमा राशि कितनी थी और किस्त कितनी यह सब चीजें लिखित में रहेंगी या किस टू होने पर कंपनी के नोटिस से आप दोनों को पता चल जाएंगी

एक महत्वपूर्ण टूल

ग्राहक से कैसे मिलें?

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