ग्राहक को जानकारी ना होने का लाभ
यह बात तय है कि किसी भी सेल्समैन को जितनी जानकारी अपने सामान के बारे में होती है उतनी खरीदने वाले को नहीं होती ग्राहक को जिन बातों की जानकारी नहीं है यदि सेल्समैन उनका लाभ उठाना शुरू कर दे तो वह एक बार समान तो भेज सकता है पर अपनी अलग पहचान नहीं बना सकता ग्राहक को हमेशा के लिए अपना नहीं बना सकता यदि आप किसी फर्नीचर की दुकान पर सोफा सेट खरीदने के लिए जाएं तो आप दुकानदार से यह अपेक्षा करते हैं कि वह आपको वह सब बातें भी बताएं जो आप सोफा के बारे में नहीं जानते हैं उसमें लकड़ी है क्वेश्चन है स्प्रिंग है और कपड़ा है दिखाई दे रहा है सिर्फ कपड़ा बाकी सब सामान उसके नीचे छिपा है उन चीजों के बारे में आप नहीं जान सकते हैं वही जानता है क्योंकि उसने बनाया है यदि वह आपको सब कुछ अच्छा अच्छा बता कर दे दे तो आपको किसी भी कमी का पता नहीं चलेगा 6 महीने के बाद जब लकड़ी सो कर उठने लगेगी तो सोफा चटकने लगेगा उस समय आप उस दुकान द्वारका भले ही कुछ ना बिगाड़ पाए लेकिन एक काम तो आप कर ही सकते हैं यदि कोई मित्र आपसे पूछे की बहन की शादी के लिए फर्नीचर खरीदना है कहां से खरीदें तो आप सीधे यही कहेंगे कि फला दुकान को छोड़कर कहीं से भी खरीद लो वह दुकानदार आपको जानकारी ना होने का लाभ उठाकर आप के माध्यम से ग्राहकों की एक चेन नहीं बना पाया यदि आप उसके सामान से संतुष्ट होते तो यह जवाब देते कि श्याम फर्नीचर स्टोर से ही खरीद लो और निश्चिंत हो जाओ ऐसी दुकान से सामान खरीदने के लिए अगर 5% ज्यादा भी खर्च करना पड़े तो लोग खुशी से कर देते हैं क्योंकि उस से मानसिक शांति तो मिल ही रही है ना कहीं आप भी ग्राहक को बीमा की जानकारी ना होने का लाभ तो नहीं उठा रहे बीमा बेचना आपका पैसा है बीमा खरीदना उसका पैसा नहीं है जो काम आप हर रोज करते हो वह कभी-कभी करता है अतः आप ही इसके बारे में ज्यादा जानते हो और ग्राहक आप पर भरोसा करता है आपने अपने लाभ के लिए उसका नुकसान कर दिया तो आपने चैन को पहली कड़ी पर ही समाप्त कर दिया।
मुकाबला अगले एजेंट से है
ग्राहक राय पूछता है कि इतना रुपया सारा ना देने पर 20 साल बाद कितना रुपया मिलेगा प्रायः एजेंट को लगता है कि आज कुछ भी प्रोजेक्शन ग्राहक को दे दो क्या फर्क पड़ता है यदि पॉलिसी मैच्योर होने से पहले यह ग्राहक चल बसा तो किसी को क्या मालूम होगा कि मैंने क्या कहकर पॉलिसी बेची थी यदि यह जिंदा रहा तो मैच्योरिटी पर इसे क्या याद रहेगा कि मैंने 15 साल पहले इसे क्या बताया था कहां पर है मानकर चलें कि आपका मुकाबला इस ग्रह के पास आने वाले अगले एजेंट से है जो कल एक महीने बाद या 1 साल के बाद कभी भी इसके पास आ सकता है कल्पना करें कि कोई एजेंट इस्क्रा के पास आए और बीमा की बात करें यह ग्राहक उससे कहे कि उसे तो अपने लिए एक मनी बैक प्लान चाहिए था जो उसने एक महीना पहले ही आपसे लिया फिर वह ग्राहक उस एजेंट को अपनी पॉलिसी दिखाएं दूसरा एजेंट उसे देखते ही बता दें कि इस प्लान में तो मनी बैंक है ही नहीं यह तो टर्म प्लान है या पेंशन प्लान है तो आपकी क्या विश्वसनीयता रहेगी ग्राहक के दिमाग में ऐसा नहीं है कि जो कुछ आपने उसे पॉलिसी बेचने के लिए बताया वह बात 15 साल के बाद ही खुलेगी। वे पत्ते कभी भी खुल सकते हैं। इसलिए ध्यान रहे कि जल्दी अंडे के लिए मुर्गी को ना काटे आजकल वैसे भी हर पॉलिसी में 15 दिन का फ्री लुक पीरियड रहता है यानी ग्राहक चाहे तो इस दौरान पॉलिसी वापस करके कंपनी से पूरे पैसे ले सकता है यदि ग्राहक को किसी दूसरे एजेंट के माध्यम से असलियत इसी दौरान पता लग गई तो पॉलिसी वापस भी हो सकती है
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