ग्राहक के प्रति आपकी सोच

यह बात बहुत ही महत्वपूर्ण है कि आप ग्राहक के पास क्या सोचकर जा रहे हैं आपके लिए इस ग्राहक के पास यह पहली सेल है या आखरी सेल यह विचार आपकी सारी कार्यप्रणाली को बदल देगा यदि आप आखरी सेल के लिए जा रहे हो तो आपका मकसद किसी भी तरीके से एक पॉलिसी का चेक उठाना है इसके लिए आप कुछ भी झूठ सच बोल सकते हैं सफल बीमा एजेंट इस तरह से काम नहीं करते उनके लिए कोई भी सैलरी नहीं होती हर नहीं ग्राहक को सेल उनके लिए यह एक नई श्रृंखला की शुरुआत होती है वे जानते हैं कि हर संतुष्ट ग्राहक आपके लिए सब एजेंट की तरह होता है यदि एजेंट यह जानता है कि हर नया ग्राहक एक चेन की पहली कड़ी है तो वह ग्राहकों कुछ भी गलत नहीं बता सकता है वह जानता है कि वह जो कह रहा है उस बात को पांच 10 बरस के बाद भी उसे ही संभालना है वह जिस घर में घुस रहा है वहां यह स्थाई रूप से रहने वाला है जो एजेंट 3 बरस से पुराना हो गया है उसका दो तिहाई बीमा पुराने ग्राहकों से ही आता है आप जितने पुराने होते जाते हैं आपके बिजनेस में पुराने ग्राहकों का हिस्सा बढ़ता जाता है यह तभी संभव है जब आप ग्राहकों को पूरी संतुष्टि दें

ग्राहक को जानकारी ना होने का लाभ

यह बात तय है कि किसी भी सेल्समैन को जितनी जानकारी अपने सामान के बारे में होती है उतनी खरीदने वाले को नहीं होती ग्राहक को जिन बातों की जानकारी नहीं है यदि सेल्समैन उनका लाभ उठाना शुरू कर दे तो वह एक बार समान तो भेज सकता है पर अपनी अलग पहचान नहीं बना सकता ग्राहक को हमेशा के लिए अपना नहीं बना सकता यदि आप किसी फर्नीचर की दुकान पर सोफा सेट खरीदने के लिए जाएं तो आप दुकानदार से यह अपेक्षा करते हैं कि वह आपको वह सब बातें भी बताएं जो आप सोफा के बारे में नहीं जानते हैं उसमें लकड़ी है क्वेश्चन है स्प्रिंग है और कपड़ा है दिखाई दे रहा है सिर्फ कपड़ा बाकी सब सामान उसके नीचे छिपा है उन चीजों के बारे में आप नहीं जान सकते हैं वही जानता है क्योंकि उसने बनाया है यदि वह आपको सब कुछ अच्छा अच्छा बता कर दे दे तो आपको किसी भी कमी का पता नहीं चलेगा 6 महीने के बाद जब लकड़ी सो कर उठने लगेगी तो सोफा चटकने लगेगा उस समय आप उस दुकान द्वारका भले ही कुछ ना बिगाड़ पाए लेकिन एक काम तो आप कर ही सकते हैं यदि कोई मित्र आपसे पूछे की बहन की शादी के लिए फर्नीचर खरीदना है कहां से खरीदें तो आप सीधे यही कहेंगे कि फला दुकान को छोड़कर कहीं से भी खरीद लो वह दुकानदार आपको जानकारी ना होने का लाभ उठाकर आप के माध्यम से ग्राहकों की एक चेन नहीं बना पाया यदि आप उसके सामान से संतुष्ट होते तो यह जवाब देते कि श्याम फर्नीचर स्टोर से ही खरीद लो और निश्चिंत हो जाओ ऐसी दुकान से सामान खरीदने के लिए अगर 5% ज्यादा भी खर्च करना पड़े तो लोग खुशी से कर देते हैं क्योंकि उस से मानसिक शांति तो मिल ही रही है ना कहीं आप भी ग्राहक को बीमा की जानकारी ना होने का लाभ तो नहीं उठा रहे बीमा बेचना आपका पैसा है बीमा खरीदना उसका पैसा नहीं है जो काम आप हर रोज करते हो वह कभी-कभी करता है अतः आप ही इसके बारे में ज्यादा जानते हो और ग्राहक आप पर भरोसा करता है आपने अपने लाभ के लिए उसका नुकसान कर दिया तो आपने चैन को पहली कड़ी पर ही समाप्त कर दिया।

मुकाबला अगले एजेंट से है

ग्राहक राय पूछता है कि इतना रुपया सारा ना देने पर 20 साल बाद कितना रुपया मिलेगा प्रायः एजेंट को लगता है कि आज कुछ भी प्रोजेक्शन ग्राहक को दे दो क्या फर्क पड़ता है यदि पॉलिसी मैच्योर होने से पहले यह ग्राहक चल बसा तो किसी को क्या मालूम होगा कि मैंने क्या कहकर पॉलिसी बेची थी यदि यह जिंदा रहा तो मैच्योरिटी पर इसे क्या याद रहेगा कि मैंने 15 साल पहले इसे क्या बताया था कहां पर है मानकर चलें कि आपका मुकाबला इस ग्रह के पास आने वाले अगले एजेंट से है जो कल एक महीने बाद या 1 साल के बाद कभी भी इसके पास आ सकता है कल्पना करें कि कोई एजेंट इस्क्रा के पास आए और बीमा की बात करें यह ग्राहक उससे कहे कि उसे तो अपने लिए एक मनी बैक प्लान चाहिए था जो उसने एक महीना पहले ही आपसे लिया फिर वह ग्राहक उस एजेंट को अपनी पॉलिसी दिखाएं दूसरा एजेंट उसे देखते ही बता दें कि इस प्लान में तो मनी बैंक है ही नहीं यह तो टर्म प्लान है या पेंशन प्लान है तो आपकी क्या विश्वसनीयता रहेगी ग्राहक के दिमाग में ऐसा नहीं है कि जो कुछ आपने उसे पॉलिसी बेचने के लिए बताया वह बात 15 साल के बाद ही खुलेगी। वे पत्ते कभी भी खुल सकते हैं। इसलिए ध्यान रहे कि जल्दी अंडे के लिए मुर्गी को ना काटे आजकल वैसे भी हर पॉलिसी में 15 दिन का फ्री लुक पीरियड रहता है यानी ग्राहक चाहे तो इस दौरान पॉलिसी वापस करके कंपनी से पूरे पैसे ले सकता है यदि ग्राहक को किसी दूसरे एजेंट के माध्यम से असलियत इसी दौरान पता लग गई तो पॉलिसी वापस भी हो सकती है

कितना समय ग्राहक के साथ

एक एजेंट के रूप में आपका जो भी काम है जैसे पॉलिसी बेचना क्रिस्टल लेना कंपनी में जमा करवाना नसीब ग्राहक को पहुंचाना आदि इनमें से सिर्फ एक काम ऐसा है जो आप ही को करना है वह है पॉलिसी बेचने का बाकी के सब काम तो आप किसी थोड़ी सी तनख्वाह वाले कर्मचारी से करवा भी सकते हैं पॉलिसी बेचने का काम ऐसा है जो आप ही को करना है आप सोच कर देखिए प्रतिदिन आप कितना समय ग्राहकों को नई पॉलिसी बताने में लगाते हो 1 साल में 200 पॉलिसी बेचने वाले एजेंट भी बताते हैं कि 1 दिन में 1 घंटे से ज्यादा समय में इस काम में नहीं लगाते आप जानते हैं कि आप ज्यादा समय लगाएं और ज्यादा लोगों से मिले तो ज्यादा पॉलिसी भेज सकते हैं क्या कारण है कि आप ज्यादा लोगों से नहीं मिलते हो इसका प्रमुख कारण है कि लोग आपको मिलने का समय नहीं देते हैं आप कहेंगे कि यदि लोग मिलने को तैयार हो जाएं तो आप 1 दिन में 5 लोगों से भी मिल सकते हैं आपको लगता है कि आपके काम की गति का लीवर किसी और के हाथ में है एक अलग तरीके की बात करते हैं जिससे आप ही तय कर पाएंगे कि कितने लोगों से 1 दिन में मिलना है मान ले कि आपका कोई दोस्त आपसे मिलने के लिए 2 महीने के बाद आया वह प्रॉपर्टी खरीदने बेचने का काम करता है वह आपके पास आकर बैठ गया और अपनी ओर से कोई बात नहीं कर रहा है तो आप उससे क्या बात करेंगे आप की स्थिति में ज्यादातर लोग ऐसे ही बात करेंगे और बताओ आपका प्रॉपर्टी मार्केट कैसा चल रहा है माल ले वह कहे कि आजकल रामनगर की प्रॉपर्टी मार्केट में बड़ा उछाल आ रहा है ऐसी प्राप्ति उपलब्ध है जिसमें 2 साल में अच्छा मुनाफा आ सकता है मैं भी आजकल ऐसे ही सौदे करवाने में व्यस्त हूं यह सुनकर क्या आप चुप बैठेंगे वह यदि अपनी ओर से रुचि ना भी दिखाई तो भी आप उससे पूछें लगेंगे ऐसी कोई प्रॉपर्टी है क्या उसने सिर्फ एक काम किया कि आप की उत्सुकता जगा दी और आप खुद ही उससे कुरेद कुरेद कर पूछ रहे हैं क्या ऐसा काम हम जीवन बीमा में नहीं कर सकते हैं आप किसी ऐसे ग्रह के पास बिना समय लिए चले जाएं जो जानता है कि आप बीमा एजेंट हैं आप भी में की बात अपनी ओर से उससे नहीं करें हम अपनी ट्रेनिंग में है प्रयोग करते हैं एजेंट आकर बताते हैं कि 5 मिनट में ही सामने वाले पूछने लगता है तुम्हारी एजेंसी कैसी चल रही है बीमा कंपनी कैसी चल रही है आप उससे कहीं कि आजकल बहुत ज्यादा प्रेशर है हर रोज नए प्लान आ रहे हैं जिन्हें पहले से ज्यादा लाभ है ग्राहकों को पता नहीं हम हम से पहले कैसे यह मालूम हो जाता है कि ऐसा एक प्लान आया है और वे खुद फोन करके बुलाने लगते हैं सुबह से तीन से तो मिल चुका हूं आपके यहां तो बस चाय पीने के लिए आया हूं यह कह कर आपने उस की उत्सुकता खड़ी कर दी क्या आपको लगता है कि अब ग्राहक बैठेगा आप यदि अपनी ओर से कुछ ना भी कहे तो तो भी चाय आने तक वह खुद आपसे तीन बार पूछ लेगा कि नया प्लान क्या है इसे भी एजेंट के लिए इतना असर तो बहुत है जब ग्राहक खुद आपसे पॉलिसी के बारे में पूछ रहा है एजेंट गलती यही करता है कि वह ग्राहक की ओर से सवाल आने का तो इंतजार ही नहीं करता सीधा अपनी और से पॉलिसी के बारे में बताना शुरू करता है ग्राहक उसे टालने की कोशिश करता है यदि हम उसकी उत्सुकता को इतना बढ़ा दे कि वह खुद हमें कुरेदना चालू कर दें तो हम कितने भी लोगों से मिल सकते हैं और पॉलिसी भेज सकते हैं यदि 1 दिन में हम तीन लोगों से इस तरह से मिलने लगे तो मान कर चलें कि एक पॉलिसी हर रोज आप भेज सकते हैं यदि आप ऐसा करने में सफल हो गए तो आप की गिनती देश के चोटी के एजेंट्स में होने लगेगी आप उन लोगों से तो मिलेंगे ही जो आपको मिलने का अपॉइंटमेंट ले रहे हैं और इस नए तरीके से आप कितने लोगों से मिलेंगे यह आप ही तय कर रहे हैं क्योंकि इसके लिए आपको कोई अपॉइंटमेंट लेना ही नहीं है इस तरह से मिलने का एक लाभ और भी होगा अब क्योंकि आप ही तय कर रहे हैं कि आप किससे मिलेंगे तो आप एक ही इलाके में रहने वाले लोगों से 1 दिन में मिले जिससे आने जाने में ज्यादा समय ना लगे और आप ज्यादा से ज्यादा लोगों से मिल पाए यदि आप अपना समय नई पॉलिसी बेचने में लगाने लगे तो बाकी रूटीन वाले काम आपका एक असिस्टेंट संभाल सकता है मेरा सुझाव है कि आप आज से ही इस तरह लोगों से मिले अपने दायरे को बढ़ाएं और स्वयं अनुभव करें कि आप कितनी बड़ी सफलता की ओर जा रहे हैं यदि मुझे इस पुस्तक के सबसे बढ़िया नुस्खे को चुनना हो तो मैं इसी 1 तरके को चुनूंगा

क्या आप सबसे अच्छी स्थिति मे हैं?

जब एजेंट के हाथ से कोई पॉलिसी छूट जाती है तो उसे लगता है कि उसकी कंपनियां उसकी पॉलिसी में ही कोई कमी है उसे लगता है कि उसकी कंपनी से बेहतर दूसरी कंपनी है जिसका नाम ज्यादा बिकता है किसी को लगता है दूसरी कंपनियों के प्लान उसके प्लान से ज्यादा बेहतर है या कमीशन बेहतर है या पुरस्कार राशि से बेहतर है या कुछ और खुफिया उनमें है जो उसके पास नहीं है कोई भी कंपनी पूर्ण नहीं होती है जिसमें कोई कमी नहीं निकाली जा सके हर कंपनी की अपनी ताकत और कमजोरी होती है कोई भी कंपनी तभी पूर्ण कही जा सकती है जब उसके बारे में ग्राहक किसी भी प्रकार का सवाल ना उठा सके यदि ऐसा हो जाए तो पूरे देश के लोग उसी कंपनी से पॉलिसी लेंगे और सारी प्रतिस्पर्धा समाप्त हो जाएगी ऐसा होना संभव ही नहीं है ऐसे ही कोई प्लान इतना पूर्ण हो कि कोई ग्राहक उसके बारे में कोई प्रश्न ही नहीं बचे तो वह स्थिति सेल्समैन के लिए सर्वश्रेष्ठ होगी क्योंकि पूरा कंपटीशन समाप्त हो जाएगा इसका मतलब बाकी सब प्लान बंद पर यह संभव नहीं है एक क्षण के लिए मान ले कि ऐसी स्थिति आ गई कि आपकी कंपनी पूर्ण हो गई आपके प्लान भी पूर्ण हो गए और आपके प्लान में रिटर्न 20 सबसे ज्यादा हो गया वह स्थिति आ गई जब आप जिस के पास जाएंगे उसे पॉलिसी लेनी ही पड़ेगी क्योंकि ग्राहक के पास कोई विकल्प है ही नहीं ऐसा भी हो सकता है कि आपको लोगों के पास जाना ही ना पड़े और लोग खुद आपके पास लेने के लिए आ रहे हो क्या आपको लगता है कि आपके यह स्थिति सबसे बेहतर है यदि आपको ऐसा लगता है तो यह एक भ्रम है यदि ऐसा हो गया तो क्या आपकी एजेंसी बचेगी जब कंपनी सबसे बढ़िया हो गई प्लान सबसे बढ़िया हो गए लोग लाइन लगाकर खरीदने के लिए आ रहे हैं सारा कंपटीशन समाप्त हो गया तो फिर एजेंट की क्या जरूरत होगी एजेंट की जरूरत किसी भी माल को बेचने के लिए तभी तक है जब तक ग्राहक को उसके लिए समझाने की जरूरत है इन चीजों के बारे में समझाने की जरूरत नहीं होती उनके लिए एजेंट नहीं कुछ थोड़ी तनख्वाह वाले एग्जीक्यूटिव होते हैं क्या कभी बिजली विभाग से कोई आपके पास आता है कनेक्शन के बारे में समझा कर बेचने के लिए क्या कमी जल विभाग के एजेंट आते हैं आपको जल के फायदे समझाने के लिए क्या कभी आप रेल के टिकट बेचने वाला बाबू आपको डिस्काउंट ऑफर करता है और क्या आपको लगता है कि बिजली जलिया रेल का कोई बाबू इतना कमाता है जितना एक बीमा एजेंट कमाता है यदि जीवन बीमा ऐसे ही दिखने लगा तो सब की एजेंसी गई समझो और यदि लोगों को ऐसी स्थिति आने के बाद भी कोई कंपनी एजेंट को रखें तो किन्हे एजेंसी देगा सबसे बढ़िया कंपनी सबसे बढ़िया एजेंट को ही रखेगी क्या आपको लगता है कि आप देश के सबसे बढ़िया एजेंट्स में से एक हैं कंपनी तब यह नियम भी बना सकती है कि वही आदमी एजेंट बनेगा जो एमबीए है या 2 साल का बीमा का कोर्स करके आया है जो कंपटीशन वाली एक परीक्षा पास करेगा फुल टाइम यही काम करेगा या जो ₹200000 के सिक्योरिटी देने को तैयार है आप पता करके देखें कि मारुति या दूसरी बड़ी कार कंपनी अपनी एजेंसी किन लोगों को देती है और किन किन शर्तों पर देती है माल जितनी आसानी से बिकता है एजेंसी उतनी ही मुश्किल से मिलती है इसका अर्थ यही है कि आपका और आपकी कंपनी का एक आदर्श रिश्ता है आप चाहे तो कम अपनी कंपनी के प्लान में बहुत सारी कमियां निकाल सकते हैं और कंपनी चाहे तो आपके काम में उससे भी ज्यादा कमियां निकाल सकती है बेहतर यही है कि आप इस सच्चाई को स्वीकार करें कि ग्राहक से मिलने वाली ना मैं आप का आपकी पॉलिसी का और आपकी कंपनी का तीनों का ही योगदान है आप किसी भी अन्य कंपनी के साथ जुड़े होते तो भी आप ऐसी ही दिक्कतें झेल रहे होते क्योंकि कोई भी कंपनी या प्लान पूर्ण हो ही नहीं सकते

प्रीमियम कैसे बढ़ाएं?

आपके दो या तीन बार ग्राहक के पास जाने के बाद जब यह पॉलिसी के लिए तैयार हो गया और फार्म भरकर चेक काट रहा है उस समय हम ग्राहक से पॉलिसी का साइज कैसे बढ़ा सकते हैं इसकी चर्चा यहां करेंगे एक बात तो तय है कि ग्राहक जितना पैसा बचाता है और जितना वह निवेश कर सकता है वह सारा जीवन बीमा में नहीं देता है यदि वह सारी बचत हमें देता तो फिर प्रीमियम बढ़ाने की बात ही नहीं होती सामान्यता ग्राहक पूरी बचत का 25 से 30% ही देता है इसलिए क्रिस्ट बढ़ाने की पूरी संभावना रहती है 15 से 20% तक कृष्ण आसानी से बढ़ाई जा सकती है इतनी किस्त बढ़ाने का मतलब है उतने ही प्रयास में 15 से 20% आपकी आमदनी बढ़ना पहला प्रयास तो हम इस दिशा में यह करेंगे कि ग्राहक से पूछेंगे कि मासिक किस्त कितनी हो जाए जाहिर सी बात है कि ग्राहक आपसे कहेगा कि उसे तो मासिक नहीं सालाना या छमाही किस्त देनी है हम उससे कहेंगे की किस्त चाहे कैसे भी दे पर महीने की लागत का तो पता चले होता यह है कि जब आप सालाना या छमाही किसकी बात करते हैं तो ग्राहक एक छोटी राशि की ही बात करता है जिसका उसकी आमदनी से कोई संबंध नहीं होता जब यह महीने की लागत के बारे में सोचता है तो वह अपनी आय की तुलना में उस राशि से करता है जो वह दे सकता है इसलिए यदि वह महीने के हिसाब से किस्त बताएगा तो उस राशि की तुलना में बड़ी रकम की बात ही करेगा जो है सालाना बताने में देता अब आप इस रकम को अपने पक्ष में राउंड ऑफ करेंगे राउंड ऑफ का अर्थ है किनारों को ठोक पीटकर गोल करना यदि ग्राहक आपसे कहे कि मुझे डेढ़ हजार रुपए महीना देना है तो हम उस से कहेंगे कि इसका मतलब हुआ ₹18000 सालाना जो आपके लिए याद रखने में मुश्किल होगा इससे हम सीधा 20,000 रखते हैं ना इस बात की संभावना कम है कि ग्राहक इसके लिए मना करेगा क्योंकि यदि ई वह 18000 दे सकता है तो साल का 20,000 भी बिना किसी तकलीफ के दे सकता है।
यह तो हुआ राउंडअप करना अपने पक्ष में राउंड आफ का मतलब इससे एक कदम और आगे हैं एक घटना मुझे याद आ रही है मैं जब mb&f में पढ़ता था जो हमारा पहला क्लास टेस्ट हुआ जिसमें अधिकतम अंक थे 15 यानी साडे सात सात अंक के 2 प्रश्न पास अंक थे 15 मैसेज 7:30 जब प्रश्नपत्र जांचे जाने के बाद हमें मिले तो सब छात्र एक दूसरे से पूछ रहे थे उसके अंक एक सहपाठी से जब हमने उसके अंक पूछे तो वह बोला लॉजिकली फर्स्ट डिवीजन है अब यह बात थोड़ी कन्फ्यूजन करने वाली थी फर्स्ट डिवीजन तो ठीक है पर यह लॉजिक क्या है वह बोला मैंने एक ही प्रश्न का उत्तर लिखा था जिसमें साडे चार अंक आए हैं 7:30 में से 4:30 यानी प्रथम श्रेणी लेकिन वास्तव में देखें तो श्रीमान जी फेल थे आज वैसे पार्टी एक बहुत बड़ी कंपनी में जनरल मैनेजर के पद पर हैं हमें ऐसे लॉजिक भी आने चाहिए यदि ग्राहक आपसे कहे कि मुझे ₹5000 तिमाही देने हैं या 20000 साल आना देने हैं तो यह अपने आप में एक राउंड फिगर है अब हम ग्राहक से कहेंगे कि 20000 सालाना का मतलब है ₹1 महीना यह रकम आपके याद रखने के लिए कठिन होगी तो आप सीधा सा हिसाब रखें कि ₹2000 महीना ऐसा करने से सालाना प्रीमियम 24000 हो गया जो आपको 20% ज्यादा आमदनी देगा यदि आप ट्रेडिशनल प्लान बेच रहे हैं तो आप बीमा राशि और प्रीमियम के बीच के संबंध बनाकर भी पॉलिसी का साइज बढ़ा सकते हैं मान ले कि ग्राहक कहता है कि उसे ₹200000 की पॉलिसी चाहिए जिसका प्रीमियम आपने देखकर बताया कि ₹12614 है आप ग्राहक से कहीं कि यह रकम याद रखने मुश्किल होगी तो आप इसे सीधा ₹15000 कर दें ऐसा करने से आप की बीमा राशि 235000 हो जाएगी लेकिन उससे आपको और ग्राहक को कोई फर्क नहीं पड़ता यदि ग्राहक खुद ही आपसे कहे कि इस पॉलिसी का प्रीमियम ₹15000 कर दे तो आप उसे बताएं कि इससे बीमा राशि बिगड़ जाएगी तो बेहतर है ढाई लाख की बीमा राशि के हिसाब से पॉलिसी बनाई जो याद रखने में आसान रहे आपको यह देखना है कि पॉलिसी का साइज किस तरह से बढ़ सकता है एक बार पॉलिसी जारी होने के बाद किसी को याद रखने की जरूरत नहीं है कि बीमा राशि कितनी थी और किस्त कितनी यह सब चीजें लिखित में रहेंगी या किस टू होने पर कंपनी के नोटिस से आप दोनों को पता चल जाएंगी

एक महत्वपूर्ण टूल

ग्राहक से कैसे मिलें?

जब ग्राहक के साथ कोई दूसरा एजेंट बैठा हो!

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